अकेले रहने के 8 फ़ायदे! | Personality Development in Hindi

हर किसी की लाइफ में एक ऐसा बंदा जरूर होता है जो उसके पैदा होने से लेकर मरते दम तक साथ में होता है और वह होता है वह खुद।  अकेलेपन में या एक रहने वाले लोगों की आठ क्वालिटीज मैं आपको बताऊंगा जो इंसान को तभी हासिल होती है जब वह अकेले में समय बिताते हैं।

अकेले रहने के 8 फ़ायदे! | Personality Development in Hindi

1.यूनीक पर्सनैलिटी:

सबसे बड़ी खासियत है यूनीक पर्सनैलिटी, अकेले रहने वाले लोग यूनिक होते हैं| सबसे अलग होते हैं यह खासियत होती है| आपने कितनी बार सुना होगा कि सब लोगों में कुछ ना कुछ खास होता है।

लेकिन उसका पता पड़ता है जब कोई बंदा अपने साथ में खुद के साथ में टाइम बिताता है।

जो बंदा ज्यादा दुनियादारी से मतलब रखता है तो उसका जो खुद का एक्जिस्टेंस है उसको रिलाइज नहीं होता वह दूसरे लोगों के करैक्टर से इतना अफेक्टेड हो जाता है कि उसकी जो खुद की रियल क्वालिटीज है, उसकी यूनिक गुम हो जाती है।

जो कि जो अकेला रहना पसंद करता है| उसकी अपनी एक शख्सियत होती है| अपनी डिफरेंट इमेज होती है क्योंकि उसके खुद के अपने रूम से वह बिना किसी से प्रभावित हुए अपनी जिंदगी अलग ढंग से जीता है|

2. पॉजिटिव एटीट्यूड:

अकेले रहने वालों की दूसरी क्वालिटी है पॉजिटिव एटीट्यूड: जो आप लोगों के बीच में रहते हो तो वहां क्या होता है कि अंदर ही अंदर बहुत ज्यादा कंपैरिजन होता है एक दूसरे से एक दूसरे की चुगली भी होती है।

दूसरों में एक भी कमी अगर आपको ही दिख जाती है तो आपके अंदर एक नेगेटिव थॉट आती है| यार मेरे अंदर तो यह चीज है ही नहीं।

जब आप अकेले रहते हो तो आप इस कंपनी के दूर रहते हो आपको कोई जज नहीं कर रहा होता और ना आप किसी को जज कर रहे होते हो कि उसमें ऐसी कमी है या मुझ में ऐसी कमी है।

जब आप अकेले रहते हो खुद के साथ समय बिताते हो तो आपको अपने अंदर झांकने का मौका मिलता है| आप खुद के बारे में जान सकते हो खुद को खोल सकते हो कि मेरे में क्या अलग है जो मुझे दूसरों से बेहतर बनाती है।

तो जब खुद को पहचानने लगोगे तो आपको खुद के अंदर से पॉजिटिव एनर्जी महसूस होने लगेगी|

3. self-respect:

अकेले रहने वालों की तीसरी क्वालिटी self-respect: अकेले रहने वाले लोग अकेले रहने की वजह से किसी के मुंह नहीं लगते हो जब किसी की मुंह नहीं लगेंगे तो लोग उनकी इज्जत करेंगे।

आप बहुत सारे लोगों से उलझे रहते हो तो आपकी इज्जत कम होने लगती है| लोग आप को हल्के में लेना लगते हैं

4. क्रिएटिव क्वालिटी:

क्रिएटिव माइंड, अकेले रहने वाले लोग ज्यादा क्रिएटिव होते है इस चीज पर नेट पर आपको रिसर्च मिल जाएंगे अकेले रहने वाले लोगों के दिमाग को सोचने का टाइम मिलता है, डिस्टर्ब नहीं होते हैं डिस्ट्रिक्ट कम होते हैं इसलिए ज्यादा क्रिएटिव होते है|

5. सेल्फ डिपेंड:

अकेले रहने वालों की अगली क्वालिटी है सेल्फ डिपेंड| अकेले रहने वाले किसी के एहसानों तले नहीं दबते, क्योंकि उनको किसी पर डिपेंड नहीं रहना पड़ता किसी भी काम के लिए किसी भी जरूरत नहीं होती।

और यह बहुत अच्छी बात है क्योंकि आज कल की दुनिया में बहुत सारे लोग स्वार्थी हैं| उनसे आपने अगर थोड़ी सी भी कोई हेल्प ले ली तो उसको हमेशा गिनाते रहेंगे| लेकिन जो अकेले रहते हैं सेल्फ डिपेंडेंट है वह किसी के एहसानों तले नहीं दबते

6. मेंटली ओर इमोशनली ज्यादा स्ट्रांग होते हैं:

अकेले रहने वालों की छठी क्वालिटी है वह मेंटली ओर इमोशनली ज्यादा स्ट्रांग होते हैं अंदर से सॉलिड होता है क्योंकि उनको पता है कि अगर आज हम पर कोई प्रॉब्लम आती है तो उनको अकेले ही उस मुसीबत से बाहर निकलना है।

ऐसा बार बार करने से आपके अंदर कॉन्फिडेंस आता है और कॉन्फिडेंस से आप मेंटली स्ट्रांग होते हो क्योंकि आपको पता है कि कोई प्रॉब्लम नहीं है इसको आप अकेले नहीं कर सकते।

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7. ज्यादा प्रोडक्टिव होते हैं:

अकेले रहने वालों के सातवीं क्वालिटी, ज्यादा प्रोडक्टिव होते हैं अकेले रहने वाले लोगों को किसी तरह डिस्टरबेंस नहीं होता उनको ना कोई रोकने वाला होता है।

उनको ना कोई रोकने वाला होता है और इस वजह से वह अपना बेस्ट इनपुट दे पाते हैं| एक नॉर्मल इंसान से ज्यादा मेहनत करता है

8. सक्सेस रेट ज्यादा होती है:

अकेले रहने वालों की आठवीं क्वालिटी है कि उनकी सक्सेस रेट ज्यादा होती है अकेले रहने और सोचने वाले लोगों के सफलता के चांस ज्यादा होते हैं क्योंकि उनके खुद के अपने फंडामेंटल से अपने खुद के रूल्स होते है।

अकेले रहने की वजह से उनके पास खुद को देने के लिए टाइम होता है जो अपनी लाइफ को अच्छी तरह से प्लान कर सकते हैं।

अपना टारगेट सेट कर सकते हैं समझ सकते हैं और खुद को समझ कर जब कोई बंदा प्लानिंग करता है| जब उसको पता होता कि मेरी कैपेबिलिटी क्या है मेरा रिस्क लेवल क्या है।

उसकी जरूरते क्या है कौन सा अचीवमेंट मेरे लिए सक्सेस है| जब किसी दूसरे व्यक्ति से प्रभावित हुए इतनी सारी चीज है खुद के अंदर कंसीडर करते हुए अपने गोल के पीछे भागता है तो उसके सक्सेसफुल होने के चांसेस ऑटोमेटिक बढ़ जाते हैं एकदम नेचुरल है|

अकेले कैसे रहें अकेले रहना क्या होता है|

दोस्तो अकेले रहने का मतलब ये नहीं है कि आप अपने घर पर मम्मी पापा से भी अलग हो| फैमिली से अलग हो| अकेले रहने का मतलब है कि जो नेगेटिव लोग का सर्किल है और जो आप सोशल मीडिया पर दूसरे लोगों से उलझते रहते हो।

सब से अलग होकर अपने आपको अपने टाइम को अपने और अपनी फैमिली के लिए स्पेंड करना, अपने सपनों के लिए स्पेंड करना में ये नहीं कह रहा की सफल होने के लिए अकेला होना भी जरूरी है।

ऐसे में तो कोई क्रिकैटेर ही नहीं बन पाया क्योंकि उसमें भी टीम चाहिए| आप हमेशा, अपने लिए थोड़ा टाइम अलग से निकालो।

सुबह एक घंटा पहले उठ गए उसमें सिर्फ उसके बारे में सोचा उस टाइम आपने किसी के बारे में नहीं सोचा| केवल खुद के बारे में सोचा खुद के अंदर झांका तो इसको बोलेंगे अकेला रहना अलग रहना।