गर्भवती होते ही यह 9 लक्षण नजर आने लगते हैं | प्रेगनेंसी

ज्यादातर गर्भवती महिलाएं अपनी प्रेगनेंसी को लेकर चिंता में रहती है कि वह प्रेग्नेंट है या नहीं | हालांकि अगर वो थोड़ा ध्यान दें तो उनका शरीर उनको बता देता है कि वह प्रेग्नेंट है या नहीं, इस आर्टिकल में आपको 9 प्रेगनेंसी के लक्षण बताने वाला हूं जिसे देख कर के आप जान सकते हैं कि आप प्रेग्नेंट है या नहीं |

गर्भवती होते ही यह 9 लक्षण नजर आने लगते हैं | प्रेगनेंसी

9 प्रेगनेंसी के लक्षण:

1. थकान और नींद:

क्या पूरे दिन आप थका हुआ महसूस कर रही है क्या आपकी नींद में बढ़ोतरी हुई है अगर हां, तो हो सकता है कि आप मां बनने वाली हो | प्रेगनेंसी में ऐसा प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ने के कारण होता है |

भूर्ण को पोषण पहुंचाने के कारण आप थकान महसूस करती है | नतीजा आपको नींद आती है, इसलिए इस सिम्टम्स को काम की थकान मत मानिए | अपने खाने में मिनरल और आयरन युक्त फ़ूड आइटम्स को शामिल करिये, इससे थकान कम महसूस होगी |

2. जी मिचलाना:

सुबह के समय जी मिचलाना और शरीर में भारीपन भी प्रेगनेंसी का एक सिम्टम है | इसकी दर अलग-अलग हो सकती है | 80 % महिलाओं में जी मिचलाना और उल्टी होने की प्रॉब्लम दो हफ्ते से लेकर 8 हफ्ते तक रहती है | ऐसा एस्ट्रोजन हार्मोन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन की अधिकता के कारण होता है |

3. पीरियड न होना :

ये प्रेगनेंसी का सबसे क्लियर सेंटम है | प्रेगनेंसी के शुरुआती 8 हफ्तों के भीतर सिर्फ एक बार हल्की ब्लीडिंग प्रेगनेंसी का लक्षण है | आमतौर पर प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में पीरियड भी रुक जाते हैं |

इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है की माँ बनने की वजह से रुकी हो | पीरियड का चक्र कई बार थकान या चिंता के कारण भी असंतुलित हो जाता है | मतलब की ऊपर-नीचे हो जाता है |

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4. सिर दर्द :

प्रेगनेंसी के दौरान सिर में दर्द भी एक आम प्रॉब्लम है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन यानी गर्भाशय में मौजूद हार्मोन बढ़ने के कारण ब्लड शुगर का लेवल गिर जाता है | इस उतार-चढ़ाव के कारण ब्रेन सेल्स पर ज्यादा भार पड़ता है इस वजह से सिर में दर्द होने लगता है |

5. ब्रेस्ट साइज में चेंज :

प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में ही स्तन के आकार में बदलाव महसूस होने लग जाता है | यह एक बेहद ही नॉर्मल लक्षण है | दरअसल ब्रेस्ट टिशु हार्मोन के प्रति वेरी सेंसेटिव होते हैं | गर्भधारण करने के साथ ही हार्मोन जेनरेटेड बदलाव शुरू हो जाते हैं, जिससे स्तन में सूजन या फिर भारीपन आ जाता है |

6. यूरिन ज्यादा होना:

जब महिला प्रेग्नेंट होती है तो उसके शरीर से ज्यादा यूरिन निकलता है क्योंकि किडनी दोगुना काम करती है | इस कंडीशन में गोनाडोट्रोपिन हार्मोन शरीर में बनता है | जो पेट के निचले हिस्से में ब्लड फ्लो को बढ़ाता है, नतीजा यूरिन ज्यादा निकलता है |

7. गंध और भोजन से अरुचि:

अगर आपको अचानक किसी खास तरह के भोजन से गंध आने लगती है और आप उसे ना पसंद करने लगती है तो हो सकता है कि आप प्रेग्नेंट हो | ये प्रेगनेंसी का सिम्टम हो सकता है |

कई महिलाये मुँह के कड़वे स्वाद से भी परेशान रहती है, वही कुछ को किसी खास चीज की महक से जैसे दूध, अंडे या चाय की गंध से परेशानी होने लगती है | वो ऐसे भोजन से बचना शुरू कर देती है |

आमतौर पर ये प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में ज्यादा दिखाई देता है | कुछ समय बाद ये अपने आप ठीक भी हो जाता है|

8. कब्ज :

प्रेगनेंसी के मुख्य सिम्टम्स में कब्ज भी शामिल है | आमतौर पर प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ने से यह समस्या खड़ी हो जाती है | इस हार्मोन के बढ़ने से मांसपेशियों में ढीलापन आ जाता है और आंत के काम करने का प्रोसेस धीमा हो जाता है जिससे पाचन धीमा होता है इसी वजह से कब्ज की प्रॉब्लम हो जाती है |

9. शरीर का तापमान बढ़ना:

यूं तो मासिक धर्म के दौरान भी महिलाओं के शरीर का तापमान बढ़ता है, मगर मासिक धर्म के बाद 10 से 18 दिनों तक शरीर का तापमान बढ़ा रहे तो यह प्रेगनेंसी का सिम्टम है |

प्रेगनेंसी के दौरान 0.5 सेंटीग्रेड तक शरीर का तापमान बढ़ जाता है | इसे आप बुखार से कंफ्यूज ना करें और ना ही आप बुखार की दवा ले क्योंकि यह प्रेगनेंसी की वजह से होता है |